नयी दिल्ली , जनवरी 30 -- दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के सम्मान से जुड़े मामले में पंजाब सरकार के रवैये पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि अब तक जिस प्रकार से संबंधित फ़ाइल को रोके रखा गया है, उससे कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

श्री गुप्ता ने आज कहा कि सिख गुरुओं के अपमान के मामले में जिस तरह की चुप्पी और टालमटोल देखने को मिल रही है, उससे यह प्रतीत होता है कि कुछ तथ्यों को जानबूझकर छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकरण के तार सीधे तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तक जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। लोकतंत्र में जवाबदेही सर्वोपरि है और किसी भी सरकार को इससे बचने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली विधानसभा इस विषय को किसी भी रूप में हल्के में नहीं लेगी। यह मामला केवल प्रशासनिक या राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह हमारे गुरुओं के सम्मान और आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे संवेदनशील विषयों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या असंवेदनशीलता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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