फगवाड़ा , जनवरी 14 -- पर्यावरणविद् एवं सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बुधवार को लोगों से वायु, जल और भूमि की रक्षा करने का आग्रह किया।

माघी के शुभ अवसर पर, श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व और चाली मुक्ते की पवित्र शहादत की स्मृति में निर्मल कुटिया सीचेवाल से एक भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांसद सीचेवाल ने कहा कि नदियों और नालों को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए एकजुट और सामूहिक प्रयास ही वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लोगों को नाम, गुरबानी और कीर्तन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरबानी में मानवता को विभिन्न रोगों से मुक्ति दिलाने की अपार आध्यात्मिक शक्ति है।

संत सीचेवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज में शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और रसायन-मुक्त भोजन की कमी है। उन्होंने लोगों से वैकल्पिक और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं मानवता को प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहने और उसकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं से दूर होने के कारण ही गंभीर पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हुआ है।

नगर कीर्तन के दौरान, संत सीचेवाल ने भक्तों को प्रसाद के रूप में पौधे वितरित किए और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा दिया। इससे पहले दिन में, निर्मल कुटिया सीचेवाल में एक धार्मिक दीवान का आयोजन किया गया, जहाँ उन्होंने माघी के महत्व पर आध्यात्मिक प्रवचन दिए।

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