चंडीगढ़ , नवंबर 19 -- पंजाब के गुरदासपुर में बुधवार को केन्द्रीय जेल के एक सुरक्षा गार्ड द्वारा पत्नी और सास की हत्या कर खुदकुशी करने के मामले को उचित तरीके से निपटाने को लेकर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य को कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया है।

डीजीपी यादव ने कहा, " गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य और उनकी टीम की ज़बरदस्त हिम्मत और नेतृत्व को देखते हुए, जिन्होंने बहुत ही खतरनाक हालात को बहुत ही मुश्किल हालात को सटीकता के साथ संभाला। उन्हें डायरेक्टर जनरल की कमेंडेशन डिस्क दी गयी है। एके-47 से लैस एक हमलावर का सामना करते हुए, जिसने पत्नी और सास की जान ले ली थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आगे बढ़कर लीड किया, और वहां मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। ज़बरदस्त सूझबूझ के साथ, श्री आदित्य ने सुरक्षित दूरी बनाये रखी, खतरे का अंदाज़ा लगाया और संकट को कम करने के लिए शांति और कुशलता से बातचीत की। उनकी साइकोलॉजिकल ताकत और प्रोफेशनल फैसले ने यह पक्का किया कि बिना किसी नुकसान के हालात पर काबू पाया जा सके। उनके तेज़, अहम एक्शन ने हालात को और बढ़ने से रोका और मुश्किल समय में लोगों की सुरक्षा को सुरक्षित रखा। पंजाब पुलिस को उनकी बहादुरी, लगन और सबसे मुश्किल समय में भी समाज की रक्षा के लिए उनके पक्के इरादे पर गर्व है। "उल्लेखनीय है कि गुरदासपुर के थाना दोरांगला क्षेत्र के खूथी गांव में बुधवार तड़के गुरदासपुर की केंद्रीय जेल में गार्ड के रूप में तैनात गुरप्रीत सिंह ने पत्नी और सास की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आरोपी गुरप्रीत वर्तमान में गुरदासपुर की केंद्रीय जेल में गार्ड के रूप में तैनात था। वह पत्नी अकविंदर कौर (32) और सास गुरजीत कौर (55) की हत्या करने के बाद मौके से फरार हो गया और गुरदासपुर स्थित नगर सुधार ट्रस्ट की स्कीम नंबर 7 वाले अपने फ्लैट में जाकर छिप गया।

सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर आरोपी को समर्पण करने के लिए कहा, लेकिन इस दौरान गुरप्रीत ने अचानक अपने सर्विस हथियार से अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आरोपी का अपनी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट में भी विचाराधीन था। पत्नी अकविंदर कौर काफी समय से अपनी मां के साथ खूथी गांव में रह रही थी। आरोपी गुरप्रीत सिंह गुरदासपुर जेल में निजी कंपनी पेसको के गार्ड के रूप में तैनात था।

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