रांची , दिसंबर 18 -- झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित मंझाटोली बेरियर बगीचा में आयोजित होने वाले जन सांस्कृतिक समागम 'जतरा' में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी।
राष्ट्रपति की ओर से कार्यक्रम में भाग लेने की औपचारिक सहमति दे दी गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 30 दिसंबर को गुमला पहुंचेंगी, जिससे पूरे जिले में उत्साह का माहौल है।
रायडीह प्रखंड में आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय निर्माण समिति द्वारा इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पहले 7 और 8 दिसंबर को प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह दो दिवसीय जतरा 28 और 29 दिसंबर को बैरियर बगीचा, शंख मोड़, मंझाटोली में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
कार्यक्रम को लेकर गुमला स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय निर्माण समिति मंझाटोली के अध्यक्ष शिवशंकर उरांव ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें इस सार्वजनिक सांस्कृतिक जतरा में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया था। राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद आयोजन को ऐतिहासिक बताया जा रहा है।
इस दो दिवसीय जतरा के दूसरे दिन यानी 29 दिसंबर को छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की भी संभावना है। हजारों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिससे यह कार्यक्रम क्षेत्रीय एकता और आदिवासी संस्कृति के प्रदर्शन का बड़ा मंच बनेगा।
शिवशंकर उरांव ने बताया कि इस जतरा का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक संस्कृति, आदिवासी पहचान और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। राष्ट्रपति के आगमन से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
राष्ट्रपति के दौरे की पुष्टि के बाद गुमला जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। एसडीओ राजीव नीरज सहित अन्य अधिकारियों ने मंझाटोली स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। वहीं उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित, एसपी हरीश बिन जमा और अन्य जिला अधिकारियों ने भी स्थल का दौरा कर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की।
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सभी विभागों के समन्वय से तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों, इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जाएंगी, ताकि कार्यक्रम गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
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