जयपुर , मार्च 28 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए विकास परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा करने एवं परिवेदनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में आयोजित राज उन्नति की तीसरी बैठक में यह निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने लगभग 4 हजार 258 करोड़ रुपये की 7 विभागों की 8 परियोजनाओं एवं दो योजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलक्टर एवं विभागों को संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवेदनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बजट घोषणाओं की अनुपालना में स्थापित होने वाले कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना की प्रक्रिया में कृषि विभाग के अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य की मॉनिटरिंग करते हुए नियमित प्रगति सुनिश्चित की जाए। ग्राम उत्थान शिविरों के दौरान प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र स्वीकृतियां जारी करें एवं केवीएसएस एवं जीएसएस द्वारा प्रेषित प्रस्तावों का निस्तारण किया जाए।
श्री शर्मा ने सहकारी संस्थाओं की भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 एवं 500 टन क्षमता के निर्माणाधीन गोदामों के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए इसे शीघ्र पूरा करने तथा उनके समुचित उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करें। इसके लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था के साथ गुणवत्ता आधारित मानकों की पालना सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने प्रदेश में ब्रह्मगुप्त सेंटर ऑफ फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज के तहत बनने वाले ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि इस केन्द्र के प्रारंभिक डिलिवरेबल निर्धारित कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा इसका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर माइन्स एण्ड मिनरल्स की स्थापना के संबंध में टाइमलाइन निर्धारित करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि द्रव्यवती नदी में गिरने वाले नालों एवं औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही उन्होंने शेष औद्योगिक इकाइयों को सीईटीपी से शीघ्र जोड़ने और इसके उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
श्री शर्मा ने कहा कि करतारपुरा अंडरपास के निर्माण के प्रस्ताव के संबंध में रेलवे के उच्चाधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र अनुमोदन कराया जाए। उन्होंने फाटक के दोनों ओर सहकार मार्ग की दिशा में स्लिप लेन एवं सड़क चौड़ाईकरण के कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने दूदू-सांभर-भाटीपुरा सड़क निर्माण एवं नागौर में निजी कंपनी के ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट के संचालन की प्रगति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पंच गौरव कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर जिले की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि फसलों की प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़ने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए तथा उन्हें पर्यटन स्थलों के साथ जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित करें। उन्होंने पंच गौरव कार्यक्रम के प्रभावी विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए मुख्य सचिव स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
श्री शर्मा ने स्मार्ट (सर्विस मेनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एण्ड रियल टाइम सिस्टम) के संबंध में कहा कि एआई एवं एमएल का उपयोग केवल डेटा मिलान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसे स्वतः ही पात्र लाभार्थियों की पहचान कर योजनाओं से जोड़ने में सक्षम बनाया जाए।
इस दौरान मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने राज उन्नति की पहली एवं दूसरी बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया।
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