, Jan. 12 -- राज्य के पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने इस अवसर पर कहा कि 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस' सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र की क्षमता को दुनिया के समक्ष उजागर करने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनी है। विभिन्न ऐतिहासिक किस्सों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कच्छ और सौराष्ट्र के लोगों की नस-नस में उद्यमिता भरी है। एक समय था जब सौराष्ट्र के नाविक समंदर पर राज करते थे। उन्होंने सौराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों की औद्योगिक विशेषताओं का परिचय देते हुए कहा कि राज्य का प्रत्येक क्षेत्र किसी न किसी कौशल से भरा है और इसमें सौराष्ट्र का दबदबा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में पोरबंदर, द्वारका और सोमनाथ बेल्ट दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र बनने जा रहा है। देश और राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात राज्य वर्ष 2027 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र का हब बन जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कच्छ और सौराष्ट्र के उद्योगपतियों से न्यू एज टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश करते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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