सोमनाथ , दिसंबर 08 -- भारतीय संस्कृति के राष्ट्रीय स्वाभिमान एवं अजेय आस्था के प्रतीक प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव के सान्निध्य में गुरुवार से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शामिल होने के लिए गुजरात सरकार ने चार महानगरों से विशेष ट्रेनें चलाई। इसी क्रम में आज राजकोट से विशेष ट्रेन सोमनाथ रेलवे स्टेशन पर पहुंची। 'हर हर भोले' और 'जय सोमनाथ' के गगनभेदी जयघोष से पूरा स्टेशन परिसर गूंज उठा।

श्रद्धालुओं के लिए यह केवल दर्शन नहीं, बल्कि पूर्वजों के संघर्ष की स्मृति भी है। इा दौरान दीपकभाई दवे ( श्रद्धालु राजकोट) ने कहा, "हम केवल ट्रेन में बैठकर दर्शन करने नहीं आए हैं, हम अपने गौरवशाली इतिहास को नमन करने आए हैं। सोमनाथ पर हुए अनेक आक्रमणों के बावजूद आज यह भव्य शिखर खड़ा है, जो हमारी संस्कृति की जीवंतता को दर्शाता है। सरकार के इस 'स्वाभिमान पर्व' के आयोजन से हमें सोमनाथ के 1000 वर्षों के संघर्ष की गाथा में सहभागी बनने का जो अवसर मिला है, वह अलौकिक है।"एक अन्य श्रद्धालु देवांग जानी ने कहा, "राजकोट से सीधी ट्रेन मिलने से हमारी यात्रा सरल हो गई। सरदार पटेल ने जिस प्रकार इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह इसे विश्वस्तरीय बना रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि हमारा स्वाभिमान आज सही अर्थों में सम्मानित हो रहा है।" राजकोट के श्रद्धालु जगदीशभाई परमार ने कहा कि यहाँ स्वाभिमान पर्व में जुड़कर अनुभव हुआ कि सोमनाथ के लिए कितने लोगों ने बलिदान दिया है। ट्रेन की सुविधा देकर सरकार ने हमें इस महान विरासत से जुड़ने का जो अवसर दिया है, उसके लिए हम प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा सरकार के आभारी हैं।

आगामी तीन दिनों तक सोमनाथ में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सोमनाथ की पौराणिक गाथा प्रस्तुत की जाएगी। 11 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा से भी श्रद्धालु विशेष ट्रेनों के माध्यम से सोमनाथ के सान्निध्य में पहुंचेंगे।

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