गांधीनगर , जनवरी 16 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस मे शुक्रवार को कहा कि राज्य में सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन के कारण अब विकास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं है।

श्री पटेल ने इस अवसर पर राज्य के जिला कलेक्टरों को लोगों की प्रस्तुतियां सुनकर उनके त्वरित और प्रामाणिक समाधान के लिए जिला स्तर पर अधिक सुदृढ़ व्यवस्था विकसित करने की ताकीद की है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिले में प्रस्तुतियां लेकर आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझकर उसे सहायता देने की संवेदनशीलता से ही लोगों का भरोसा और विश्वास अर्जित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि जिला स्तर पर ही समाधान संभव हो सके ऐसे प्रश्नों के लिए लोगों को सरकार या विभागों तक न आना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही उनका समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी रूप से हो।

श्री पटेल ने जिला कलेक्टरों को फील्ड विजिट को प्राथमिकता देकर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मोनिटरिंग करने के सुझाव दिए। उन्होंने कलेक्टरों से ओनेस्टी, इंटीग्रिटी, कॉम्पिटिशन तथा इफेक्टिवनेस; इन प्रमुख आधारों पर पूरे जिले के कामकाज का नेतृत्व करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से कहा कि जिले के प्रमुख के रूप में जो दायित्व उन्हें मिला है, वह जन सामान्य की समस्या के निराकरण की जिम्मेदारी निभाते हुए वहन करने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन के कारण अब विकास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं है। ऐसे संजोगों में जिले में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चल रहे विकास कार्य तेजी से और गुणवत्तापूर्ण हों, इसके लिए जिला टीम का नेतृत्व करते हुए कलेक्टर उचित निगरानी रखें।

श्री पटेल ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों से टीम वर्क के साथ तथा आपस में चर्चा करते हुए मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि परिपत्र- नियम अलग-अलग न हों और लोगों को अपने कार्यों में सरलता रहे, इसके लिए कलेक्टर जिम्मेदारीपूर्वक कार्यरत रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके साथ है और सही व्यक्ति परेशान न हो तथा गलत व्यक्ति किसी को परेशानी न पहुंचा सके, इस उद्देश्य से सूझ-बूझ के साथ बिना किसी डर के अच्छे और नेक कार्यों के लिए जिला टीम का नेतृत्व कलेक्टरों को करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती स्वस्थ जीवनशैली के लिए अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती का मिशन प्रारंभ किया है। जिला कलेक्टरों से अपने-अपने जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर इस मिशन को सफल बनाने का भी आह्वान किया।

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