गांधीनगर , जनवरी 02 -- गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए सभी 185 नदियों के दोनों तटों के वन संरक्षण तथा संवर्धन का कार्य वन विभाग को सौंपा गया है।

श्री मोढवाडिया ने कहा कि वायु प्रदूषण और क्लाइमेट चेंज की वैश्विक समस्या के बीच पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्ष पोषण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। केंद्र सरकार के वर्ष 2023 की इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में वन एवं वृक्ष कवर राज्य के कुल क्षेत्रफल का 11.03 प्रतिशत है। इस ग्रीन कवर में वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत गुजरात की कुल 185 नदियों के दोनों तटों की भूमि पर वन विभाग द्वारा 'वृक्ष पोषण अभियान' चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रीन कवर बढ़ने से राज्य का वन क्षेत्र बढ़ेगा, जिससे वर्षा में वृद्धि होगी, जलवायु परिवर्तन रोका जा सकेगा, साथ ही राज्य में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी। इसके अंतर्गत वृक्ष पोषण के उपयोग हेतु भूमि का पहले सीमांकन तथा जीआईएस मैपिंग कर कार्यक्षेत्र निश्चित कर आवश्यकता वाली भूमि की पहचान की जाएगी। भूमि की स्थिति, विशेष रूप से सरकारी भूमि और अनुपयोगी सरकारी भूमि के रिकॉर्ड की जांच कर विकासोन्मुखी प्राथमिकताएं बनी रहें, इसके लिए इस भूमि का उपयोग केवल ग्रीन कवर-वृक्ष पोषण के लिए ही किया जाएगा। अन्य किसी उद्देश्य के लिए ऐसी भूमि का उपयोग न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

वन मंत्री ने कहा कि वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री प्रवीण माळी ने कहा कि रिवराइन फॉरेस्ट लैंडस्केप मैनेजमेंट के अंतर्गत नदियों के दोनों तटों पर 'वृक्ष पोषण अभियान' में नर्मदा, तापी, पूर्णा सहित दक्षिण गुजरात क्षेत्र की 17 नदियों, सौराष्ट्र क्षेत्र की 71 तथा कच्छ क्षेत्र की सबसे अधिक 97 नदियों को शामिल किया गया है। इस अभियान से नदियों के दोनों तटों की भूमि का कटाव रुकेगा और साथ ही भूमिगत जल स्तर भी और अधिक ऊंचा होगा।

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