अहमदाबाद , नवंबर 06 -- गुजरात के अहमदाबाद में मैरिंगो सिम्स हॉस्पिटल ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में राज्य में पहली बार सीएआर-टी (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी को उपयोग में लाना शुरू किया है।
कंसल्टेंट हीमेटोलॉजिस्ट, हीमो-ऑन्कोलॉजिस्ट और बीएमटी फिजिशियन डॉ. कौमिल पटेल ने गुरुवार को यहां कहा कि आमतौर पर यह थेरेपी बहुत महंगी होती है, जिसके कारण अधिकांश मरीज की पहुंच से बाहर रहती है, लेकिन मैरिंगो सिम्स हॉस्पिटल ने इस जीवनदायी उपचार को अधिक किफायती बनाकर गुजरात और उसके बाहर के कई मरीजों के लिए नयी उम्मीद जगायी है।
उन्होंने कहा कि यह थेरेपी पुनरावर्तित बी-सेल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया से पीड़ित एक मरीज को दी गयी। यह उपलब्धि सिम्स हॉस्पिटल की आधुनिक ऑन्कोलॉजी केयर के प्रति समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है। सीएआर-टी थेरपी कुछ प्रकार के कैंसर के लिए अत्याधुनिक और क्रांतिकारी उपचार है। इसमें मरीज की अपने टी-सेल्स को जिनेटिक रूप से परिवर्तित किया जाता है ताकि वे कैंसर सेल्स को नष्ट करने में सक्षम हो सकें।
डॉ. पटेल ने कहा, " मैरिंगो सिम्स होस्पिटल में पहलीबार सीएआर-टी ईन्फ्युझन करना, वह एक सिद्धि नहीं है. बल्की वह ग्लोबली कैन्सर थेरेपी को सबसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने के तरफ एक अभूतपूर्व कदम है।"उन्होंने कहा कि हमारी टीम का उद्देश्य एक्सपर्ट, इन्नोवेटिव और पर्सनल केयर का संयोजन करके मरीजों को श्रेष्ठ उपचार देना है। इसकी ट्रेडिशनल ट्रीटमेन्ट के बाद भी जिन मरीज में रोग दोबारा लौट आया था, उसमें सीएआर-टी थेरपी के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और अस्पताल की ऑन्कोलॉजी तथा हीमेटोलॉजी टीम उस पर करीबी निगरानी रख रही है। सीएआर-टी थेरपी इम्यून सिस्टम को पुनः प्रोग्राम करके कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने में सक्षम बनाती है, जिससे उन मामलों में भी परिणाम मिलते हैं, जहां अन्य उपचार असफल साबित होते हैं।
यूनिट मेडिकल डिरेक्टर डॉ. आर. शंकरन ने कहा, " सीएआर-टी थेरपी हेमेटोलोजिक केन्सर क्षेत्र में गेम चेन्जर साबित हुई है। वह हमको एक व्यक्तिगत और असरकारक ट्रीटमेन्ट विकल्प प्रदान करती है। मैरिंगो सिम्स हाॅस्पिटल्स के चेयरमैन और इन्टरवेन्शनल कार्डियोलोजिस्ट डॉ. केयुर पारिख ने कहा कि मैरिंगो सिम्स में हमारा मानना है की हेल्थ केर की सबसे बडी बात इन्नोवेशन और सुलभता के बीच जो अंतर है, उसको दूर करना है। सीएआर-टी थेरपी का सफल प्रयोग मात्र मेडिकल फील्ड की जीत है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित