गांधीनगर , फरवरी 18 -- गुजरात की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बुधवार को चार लाख आठ हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया।
वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने आज वित्त वर्ष 2026-27 का चार लाख आठ हजार करोड़ रुपए का बजट आज पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह बजट बिना किसी नए कर का बोझ डाले, राज्य की अविरत विकास यात्रा को जन कल्याण के अडिग विश्वास से आगे बढ़ाने वाला है।
श्री पटेल ने श्री देसाई द्वारा आज विधानसभा में पेश किए गए राज्य के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, ढांचागत सुविधाओं, आर्थिक विकास और ग्रीन ग्रोथ सहित पांच स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने अडिग विश्वास, अविरत विकास की प्रतिबद्धता के साथ विधानसभा में गुजरात का बजट प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से यह मानता हूं कि आज पेश किया गया बजट विश्वास-आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को साकार करने वाला है।" इस बजट में समाज के सभी वर्गों विशेषकर 'ग्यान' यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। 2026-27 के इस बजट का आकार चार लाख आठ हजार करोड़ रुपए है, जो गत वर्ष की तुलना में बजट के आकार में 10.2 फीसदी की वृद्धि को दिखाता है। बजट आवंटन की विशेषता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बजट के कुल खर्च का 65 फीसदी विकास-उन्मुख खर्च के लिए आवंटित किया गया है। शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के लिए 20 फीसदी यानी 64 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है।
शिक्षित, कुशल, उत्कृष्ट और भविष्य के लिए तैयार युवा शक्ति के निर्माण के लिए बजट में 'नमो गुजरात कौशल और रोजगार मिशन' के लिए 226 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। स्वास्थ्य कल्याण और सामाजिक सेवाओं के लिए 19 फीसदी और कृषि, सिंचाई, पानी और शहरी विकास के लिए 11 फीसदी आवंटन किया गया है, जो प्रधानमंत्री की 'सबका साथ, सबका विकास' की संकल्पना को साकार करेगा।
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