गांधीनगर , दिसंबर 29 -- वर्ष 2023-24 के दौरान भिंडी के बुवाई क्षेत्रफल तथा कुल उत्पादन में गुजरात ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्यमें लगभग 93,955 हेक्टेयर क्षेत्र में भिंडी की बुवाई हुई थी, जिसके फलस्वरूप 11.68 लाख टन उत्पादन दर्ज हुआ था।
इस कुल आंकड़े में कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कच्छ-सौराष्ट्र का राज्य के कुल भिंडी बुवाई क्षेत्र का लगभग 15 प्रतिशत तथा कुल उत्पादन का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा है। वर्ष 2024-25 के दौरान कच्छ-सौराष्ट्र के 12 जिलों में 14,000 हेक्टेयर क्षेत्र में भिंडी की बुवाई हुई, जिससे लगभग 1.5 लाख टन उत्पादन प्राप्त हुआ है।
बागवानी निदेशक ने सोमवार को बताया कि गुजरात भिंडी बुवाई और उत्पादन में देशभर में अग्रसर है। उन्होंने 2024-25 के दौरान भारत के कुल सब्जी उत्पादन में गुजरात का योगदान 7.66 प्रतिशत रहा। उसी अवधि में कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र ने 2,32,584 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती कर 47,91,504 मैट्रिक टन सब्जी उत्पादन हासिल किया है। प्रति हेक्टेयर 20.60 टन उत्पादकता किसानों की बढ़ती कार्यक्षमता, सुधारी गईं कृषि पद्धतियों तथा मजबूत कृषि ढांचे की प्रतिबिंब है।
कृषि विकास का आधारस्तंभ उच्च उत्पादकता तथा अधिक आय के कारण बागवानी फसलें राज्य के कृषि विकास में अभिन्न अंग बन गयी हैं। राज्य सरकार के सक्रिय कदमों तथा किसान अनुकूल नीतियों के फलस्वरूप आज बागवानी फसलें गुजरात के कुल कृषि क्षेत्र के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र में लगाई जाती हैं, जो उनके बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
गुजरात का बागवानी विभाग एमआईडीएच/एनएचएम (एकीकृत बागवानी विकास के लिए मिशन/ राष्ट्रीय बागवानी मिशन) जैसी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के साथ अनेक राज्य स्तरीय प्रोत्साहक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू कर रहा है। इन योजनाओं के तहत क्षेत्र आधारित क्लस्टर विकास, संरक्षित खेती, कटाई के बाद की ढांचागत सुविधाएं, कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ प्लांट सामग्री पहल तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं। एमआईडीएच अंतर्गत किसानों तथा एफपीओ को हाईटेक बागवानी, पॉलीहाउस, पैकहाउस, ग्रैडिंग-पैकिंग लाइन, प्रशिक्षण, बाजार कनेक्टिविटी तथा प्रदर्शनियों के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है।
कच्छ एवं सौराष्ट्र की उपलब्धियों का मंच, यह मजबूत प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण समय पर आया है, जब गुजरात जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में राजकोट में कच्छ एवं सौराष्ट्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) कच्छ एवं सौराष्ट्र का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है। कॉन्फ्रेंस के साथ वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जीबिशन (वीजीआरई) जनवरी- 2026 के दौरान उसी स्थान पर आयोजित होगा। वीजीआरसी राज्य सरकार की संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करेगी, जबकि कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपलब्धियाँ दर्शाने तथा निवेश के लिए नये मार्ग खोलने का एक समर्पित प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।
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