गांधीनगर , नवंबर 19 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को कहा कि राज्य के किसानों पर हाल ही में आयी असाधारण बेमौसम बरसात की विपदा से हुए नुकसान से उन्हें उबारने के लिए डबल इंजन सरकार ने बहुत ही तेजी से 10 हजार करोड़ रुपए का सहायता पैकेज दिया है।

श्री पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज तमिलनाडु के कोयंबटूर से देश के किसानों के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी करने के अवसर पर गुजरात के गांधीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कही। इस मौके पर राज्य के किसानों ने श्री मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देश भर के नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 21वीं किस्त के अंतर्गत 18 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि हस्तांतरित की। इस सहायता के तहत गुजरात के 49.31 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए 986 करोड़ रुपए मिले।

गांधीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी और कृषि राज्य मंत्री रमेशभाई कटारा ने पीएम-किसान सम्मान निधि के साथ ही 11.68 लाख रुपए से अधिक के विभिन्न कृषि सहायताओं के मंजूरी पत्रों का वितरण किया।

श्री पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। इतना ही नहीं, क्लाइमेट चेन्ज की चुनौतियों से निपटने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' और प्राकृतिक कृषि जैसे अभियानों के माध्यम से ग्रीन कवर बढ़ाकर सुरक्षा प्रदान करने का दृष्टिकोण अपनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रसायन युक्त खेती से बिगड़ रहे जमीन और मानव के स्वास्थ्य को बचाने के उपाय के रूप में प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक कृषि को अपनाने का जो विचार दिया है, वह भविष्य की पीढ़ी के स्वस्थ एवं तंदुरुस्त जीवन तथा जमीन की उर्वरता बढ़ाने में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने प्राकृतिक कृषि को भविष्य की खेती करार देते हुए कहा कि इसे अपनाना मौजूदा समय की मांग है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बीज से लेकर बाजार तक के हर स्तर पर किसान हितकारी निर्णयों के जरिए उनके साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष के बजट में पीएम धन-धान्य कृषि योजना शुरू करने का कमिटमेंट किया था, जिसे उन्होंने अन्नदाता की चिंता करते हुए छह वर्षों की अवधि के लिए लागू करके यह सिद्ध किया कि वे जो कहते हैं, वह करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की कृषि हितकारी नीति एवं किसानों के प्रति संवेदना के कारण आज गुजरात के लगभग 98 प्रतिशत से अधिक किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। किसानों को पर्याप्त पानी व बिजली मिलने के कारण राज्य के कृषि क्षेत्र की तसवीर समग्रतया बदल गई है तथा किसान समृद्ध हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित