गुंटूर (आंध्र प्रदेश) , नवंबर 11 -- केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि आंध्रप्रदेश के गांव वेंगयापलेम में विकसित 'वॉटरशेड मॉडल' पूरे देश में लागू किया जायेगा।

वह यहां आयोजित 'वॉटरशेड महोत्सव' के शुभारंभ के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे राष्ट्रीय वॉटरशेड सम्मेलन के दूसरे दिन किया गया। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 'वॉटरशेड महोत्सव' के जरिए जल-संरक्षण पर जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने की राष्ट्रीय पहल शुरू की है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "जल है तो जीवन है, मिट्टी है तो कल है" के मंत्र के साथ सरकार जल और मृदा संरक्षण को एक राष्ट्रीय जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के वेंगयापलेम गाँव में विकसित किया गया वॉटरशेड मॉडल देशभर में लागू किया जाएगा ताकि कृत्रिम जलाशय, चेक डैम, और बारिश के पानी के संचयन वाली संरचनाओं से जल स्तर में सुधार हो और ग्रामीण आजीविका मजबूत बने।

उन्होंने राज्य सरकार के जल संरक्षण के लिए उठाए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर "हेल्दी, वेल्दी और हैप्पी आंध्रा" के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में प्रत्येक गरीब परिवार का सर्वे कर सभी को पक्के मकान दिए जाएंगे। आंध्र प्रदेश में कोई भी गरीब अब कच्चे घर में नहीं रहेगा।

श्री चौहान ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रधानमंत्री जी की "लखपति दीदी" योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक दो करोड़ महिलाएं इस योजना के अंतर्गत लखपति दीदी बन चुकी हैं और जल्द तीन करोड़ का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

वॉटरशेड महोत्सव के अंतर्गत आने वाले दिनों में देशभर में वॉटरशेड संबंधी अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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