नयी दिल्ली , फरवरी 23 -- केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को यहां जनपथ स्थित हैंडलूम हाट में विशेष हैंडलूम एक्सपो का उद्घाटन किया और राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (एनएचडीसी) के 43वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की। यह आयोजन एनएचडीसी की 43 वर्षों की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है जिसने देश के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने और बुनकरों की आजीविका को समर्थन देने में अहम भूमिका निभायी है।

श्री सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हथकरघा क्षेत्र ग्रामीण रोजगार और पारंपरिक उत्पादन प्रणाली को बनाये रखने का मजबूत आधार है। उन्होंने स्वदेशी वस्त्रों को बढ़ावा देने, कारीगरों के लिए बाजार उपलब्ध कराने और घरेलू विनिर्माण को सशक्त करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी। उन्होंने एनएचडीसी द्वारा बुनकर समुदाय के सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया।

श्री सिंह ने हथकरघा क्षेत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक बहुभाषी कॉमिक पुस्तक का विमोचन भी किया, जिसमें हथकरघा परंपरा, उसकी प्रक्रिया और सांस्कृतिक महत्व को सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों, योजनाओं और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर उत्कृष्ट शिल्पकला, नवाचार और भारतीय बुनाई परंपराओं के संरक्षण में योगदान देने वाले बुनकरों और कारीगरों को सम्मानित भी किया गया। 'परिधान प्रदर्शनी' में देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक बुनाई से बने आकर्षक वस्त्र प्रदर्शित किए गए, जिसने भारतीय हस्तकरघा की विविधता और कलात्मकता को दर्शाया।

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