नयी दिल्ली , अक्टूबर 27 -- गिफ्ट सिटी इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर (आईएफएससी) के क्षेत्राधिकार में काम करने वाली संस्थाओं द्वारा जारी प्रतिभूतियों को डीमैट कराने को आईएफएससी प्राधिकरण (आईएफएससीए) के अंतर्गत करने के प्रस्तावित नियम पर प्राधिकरण ने 16 नवंबर तक सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किये हैं।

प्राधिकरण ने इसके लिए एक परामर्श पत्र जारी किया है।

आईएफएससीए की वेबसाइट पर उपलब्ध परामर्श पत्र के अनुसार, इस संबंध में जारी नियमों के मसौदे पर टिप्पणियां आईएफएससीए के प्रबंधक सौरभ कुमार को सौरभ.कुमार1@आईएफएससीए.जीओवी.इन पर ईमेल द्वारा भेजी जा सकती हैं, जिसकी एक प्रति आईएफएससीए के उप महाप्रबंधक पवन कुमार चौधरी को पवन.केसी@आईएफएससीए.जीओवी.इन और आईएफएससीए के महाप्रबंधक अर्जुन प्रसाद को अर्जुन.पीड@आईएफएससीए.जीओवी.इन पर 16 नवंबर 2025 तक भेजी जा सकती है।

इंडिया इंटरनेशनल डिपॉजिटरी आईएफएससी लिमिटेड को गिफ्ट सिटी, आईएफएससी में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभूति पहचान संख्या ("आईएसआईएन") जारी करने वाली एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि यह देखा गया है कि आईएफएससी की कुछ इकाइयां आईएफएससी के अधिकार क्षेत्र के बाहर घरेलू क्षेत्राधिकार में काम कर रही डिपॉजिटरी के माध्यम से आईएसआईएन प्राप्त करने और प्रतिभूतियां डीमैट फॉर्म में रखना जारी रखे हुए हैं जबकि ऐसी प्रतिभूतियां आईएफएससी क्षेत्राधिकार में स्थापित संस्थाओं द्वारा जारी की जाती हैं।

डिपॉजिटरी अधिनियम, 1996 की धारा 23जी के तहत आईएफएससीए को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों के भीतर वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के डिपॉजिटरी को विनियमित करने का अधिकार है। आईएफएससीए (बाजार अवसंरचना संस्थान) विनियम, 2021 ("एमआईआई विनियम") के विनियम 44 में प्रावधान है कि आईएफएससी में सभी प्रतिभूतियां और अन्य अनुमत वित्तीय उत्पादन आईएफएससी के साथ पंजीकृत एक डिपॉजिटरी के पास डीमैट रूप में रखे जाने के पात्र होंगे।

इसी तरह, बाजार अवसंरचना संस्थान संबंधी विनियम 72 आईएफएससीए को बाजार अवसंरचना संस्थानों को परिपत्रों के माध्यम से मानदंड, प्रक्रियाएं, तौर-तरीके या दिशा-निर्देश निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है।

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