हरिद्वार , दिसंबर 04 -- उत्तराखंड में हरिद्वार के अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में गुरुवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने गायत्री परिवार और देव संस्कृति विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षण स्थल नहीं, बल्कि आधुनिक गुरुकुल की प्रेरित व्यवस्था है, जहाँ शिक्षा साधना और संस्कारों के साथ जुड़कर समाज को दिशा देती है।

राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की यह तपोभूमि और गंगा तट सदैव संकल्प, साधना और लोककल्याण की ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने डॉ. चिन्मय पंड्या के नेतृत्व को सराहते हुए कहा कि अध्यात्म और आधुनिकता के संतुलित समन्वय से समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि अखंड ज्योति केवल एक दीप नहीं, बल्कि अखंड भारत की भावना और धर्म-जागरण की चेतना का प्रतीक है। 'हम बदलेंगे, युग बदलेगा' केवल नारा नहीं, बल्कि समाज को भीतर से रूपांतरित करने वाला प्रेरक संदेश है। राज्यपाल ने कहा कि गायत्री परिवार की सेवा-भावना, स्वच्छता और नैतिक उत्थान पर आधारित कार्यशैली उत्तराखण्ड और देश के लिए आदर्श मॉडल है।

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