गांधीनगर , नवंबर 13 -- गुजरात में प्राकृतिक कृषि से संबंधित कार्यों की समीक्षा के उद्देश्य से गांधीनगर स्थित राजभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत की अध्यक्षता में गुरूवार को राज्यस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। श्री देवव्रत ने इस अवसर पर कहा कि प्राकृतिक कृषि मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली एक कृषि संस्कृति के समान है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के उत्साहवर्धक परिणाम किसानों और आम जनता के सामने आ रहे हैं और गुजरात इसका नेतृत्व कर रहा है। राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा प्राकृतिक कृषि के विभिन्न आयामों पर गहन अनुसंधान किए जा रहे हैं, जिनके अब तक के निष्कर्षों ने यह सिद्ध किया है कि प्राकृतिक कृषि से उत्पादन में कोई कमी नहीं आती, बल्कि भूमि और पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार होता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर प्राकृतिक कृषि का प्रसार हो और अधिक से अधिक किसान प्रशिक्षण लेकर इस दिशा में अग्रसर हों, इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक कृषि उत्पादों की बिक्री में भी वृद्धि हो रही है। हालांकि, उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए प्राकृतिक कृषि उत्पादों के उचित प्रमाणन की व्यवस्था विकसित करने की भी आवश्यकता है, ऐसा सुझाव उन्होंने दिया।
राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक कृषि के आधारस्तंभ समान देशी गायों की संख्या बढ़ाने और उनकी नस्ल सुधार के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने राज्यभर में सेक्स्ड सॉर्टेड सीमेन आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, किसानों की सफलता गाथाओं और प्रगतिशील किसानों के खेतों के प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से प्रचार-प्रसार को बढ़ाने पर भी बल दिया।
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