जयपुर , फरवरी 08 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर जोधपुर शहर की ऐतिहासिक विरासत, बुनियादी ढांचे और लंबित विकास परियोजनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।

श्री गहलोत ने पत्र में बताया कि जोधपुर की सीवरेज व्यवस्था के सुधार के लिए बनाई गई 300 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण योजना वर्तमान में जांच के नाम पर लंबित है। इसके कारण शहर में जलभराव और गंदगी की समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने रानीसर, पदमसर, गुलाबसागर और फतेहसागर जैसे ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण हेतु पूर्व स्वीकृत राशि को तुरंत जारी करने की मांग करते हुए यह आग्रह किया कि सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में इन परियोजनाओं को गति दे और आगामी बजट में उचित प्रावधान करे।

उन्होंने पत्र में कहा कि 100 करोड़ की लागत से बना स्टेट स्पोर्ट्स आवासीय सेंटर तैयार है लेकिन 3.8 करोड़ की बचत राशि की फाइल लंबित होने के कारण स्वीमिंग पूल और इंडोर हॉल का काम अधूरा है। नवनिर्मित हॉस्टल्स को नहीं सौंपे जाने के कारण खिलाड़ी जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं। सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी का नया भवन तैयार है लेकिन बजट और स्टाफ के अभाव में इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने पत्र में जोधपुर की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का भी जिक्र किया गया है।

उन्होंने कहा कि लगभग 81 करोड़ रुपये की देनदारी के कारण वेंडर्स ने जरूरी उपकरण और सूचर्स की आपूर्ति बंद कर दी है। मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी की 500 करोड़ की परियोजना का निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड और प्रताप नगर जैसे जिला अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली हैं और उपकरणों की कमी बनी हुई है। श्री गहलोत ने जोधपुर की बदहाल सड़कों और जल वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष पैकेज आवंटित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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