जयपुर , अप्रैल 14 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं वसुंधरा राजे ने संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डाॅ भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती पर मंगलवार को उन्हें नमन किया।

श्री गहलोत ने डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया और कहा कि सामाजिक न्याय के महान शिल्पकार और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बाबा साहेब का जीवन, उनका संघर्ष और भेदभाव रहित, समतामूलक समाज की स्थापना के उनके विचार हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।

उन्होंने कहा, "आज के दिन हम सभी को सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने और संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।"इस अवसर पर श्रीमती राजे ने जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें वंदन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जितनी शिक्षा पुरुषों के लिए आवश्यक बतायी उतनी ही महिलाओं के लिए भी। वे स्त्री शिक्षा के पक्षधर रहे।वे कहते थे शिक्षा स्त्रियों को आत्मनिर्भर बनाती है। आज भारत की हर शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला के पीछे बाबा साहब की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब दिखाई देता है।

श्रीमती राजे ने कहा कि उन्होंने 1937 की आल इंडिया वूमन्स कांफ्रेंस में स्पष्ट रूप से कहा था कि महिलाओं को मतदान का अधिकार होना चाहिए और विधायी निकायों में उनके लिए आरक्षण होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा साहब के विचारों का सम्मान किया और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया।

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