जयपुर , अप्रैल 23 -- राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह और उनकी कांग्रेस सरकार केवल कागजी घोषणाएं करती रही जिसे प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है।
श्री पटेल ने गुरुवार को यहां अपने बयान में कहा कि श्री गहलोत के पास न तो योजनाओं के क्रियान्वयन की ठोस रणनीति थी और न ही उनके लिए दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था का कोई स्पष्ट रोडमैप, जिसका एक प्रमुख उदाहरण रिफाइनरी परियोजना है।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक इसे केवल कल्पनाओं और घोषणाओं तक सीमित रखा गया, जबकि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस परियोजना को धरातल पर लाने की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाये गये।
उन्होंने कहा कि जहां तक भ्रष्टाचार का सवाल है, कांग्रेस के कार्यकाल में यह किसी से छिपा नहीं रहा। बाड़मेर रिफाइनरी से पहले भूमि सौदों में कथित रूप से अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने, जमीनों के दामों में असामान्य वृद्धि और अन्य अनियमितताओं की चर्चा स्थानीय स्तर पर व्यापक रही है, जिसे वहां की जनता भली-भांति जानती और समझती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में जनता को भ्रमित करने के बजाय तथ्यों पर आधारित संवाद और विकास के वास्तविक मुद्दों पर स्पष्टता रखना चाहिए।
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