जयपुर , नवंबर 12 -- राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के "राजस्थान में अराजकता और जंगलराज" के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह अब "जनसंपर्क नहीं, जनभ्रम" की राजनीति कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने बुधवार रात कहा कि उनके बयान तथ्यों पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने की आदत पर आधारित हैं। सरकार ने कहा कि गहलोत जी, अब ट्वीट से राजनीति नहीं चलेगी। जनता जानती है कि कौन काम कर रहा है और कौन सिर्फ बयान दे रहा है। राजस्थान में न अराजकता है, न डर - बल्कि जनता को कानून पर भरोसा और अपराधियों को कानून का डर है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पुलिस तंत्र को मजबूत करने, तकनीकी जांच क्षमताओं को बढ़ाने और अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की वजह से ही अपराधों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा, विश्वास और विकास का माहौल बना है जो गहलोत की आंखों में अब खटक रहा है।
राज्य के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि श्री गहलोत को सोशल मीडिया पर हवाबाज़ी करने का फोबिया हो गया है और वह बिना तथ्यों की जानकारी के सिर्फ अफवाह फैलाने में जुटे हैं।
श्री बेढ़म ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जारी तथ्यात्मक रिपोर्ट ने श्री गहलोत के सारे आरोपों को हवा में उड़ा दिया है। रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि राजस्थान में अपराध दर लगातार घट रही है और पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण राज्य में कानून-व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में जब कांग्रेस सरकार थी तब अपराध के आंकड़े ज्यादा थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी अपराध की तुलनात्मक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 की तुलना में 2025 (अक्टूबर तक) में हत्या के मामलों में 26.67 प्रतिशत की कमी, हत्या के प्रयास में 19.02 प्रतिशत की गिरावट, डकैती में 45.53 प्रतिशत और लूट के मामलों में 51.09 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024-2025 में हत्या के मामलों में 19 प्रतिशत से ज़्यादा कमी आयी हैउन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में न केवल अपराधों पर नियंत्रण हुआ है बल्कि अपराधियों में भय का माहौल बना है।
उन्होंने कहा कि चितौड़गढ़ में भाजपा नेता रमेश ईनाणी की हत्या के मामले में पुलिस ने सूचना विकसित कर केवल सात घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी स्थानीय नहीं बल्कि दूसरे राज्य का निवासी था और उसका किसी भी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध नहीं। यह प्रदेश पुलिस की कुशलता, तत्परता और पेशेवर दक्षता का जीवंत उदाहरण है।
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