नयी दिल्ली , फरवरी 25 -- केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत काम कर रहे तकनीकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने गहरे पानी के बीच (समुद्र के भीतर) वीडियो डाटा ट्रांसमिशन की सुविधा के लिए उच्च दर से डाटा के आदान प्रदान में सहायक उन्नत जलीय ध्वनि-एंटेना प्रणाली के विकास की परियोजना के लिए एक्साल्टेन सिस्टम्स प्रा.लि. के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

विशेषज्ञों के अंदर पानी के भीतर रेडियो तरंगो के संचार की सीमाओं को को देखते हुए उन्नत जलीय ध्वनि एंटेना प्रणाली का विकास विभिन्न उपयोगों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भारत में इस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभी कमी दिखती है।

इस परियोजना के तहत जलावृत्त क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच संचार प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखते हुए मेगाबिट-प्रति-सेकंड डेटा दर प्रदान करने में सक्षम एक उन्नत ध्वनिक एंटीना प्रणाली के डिजाइन और विकास की परिकल्पना की गयी है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के समर्थन एक्साल्टेन सिस्टम्स अगली पीढ़ी की हाइड्रोफोन ऐरे सेंसर प्रणालियों (ऐंटेना ) का विकास करेगी। ये प्रणालियां समुद्र के भीतर संचालित प्लेटफॉर्मों के बीच विश्वसनीय और उच्च-बैंडविड्थ के संचार में सहायक होंगी। इससे तत्क्षण वीडियो प्रसारण संभव हो सकेगा।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह पहल सिंगापुर की सूबनेरो पीटी. लि. के सहयोग से की जा रही है।

गहरे समुद्री क्षेत्र में तेल-गैस और अन्य संसाधनों की खोज और उत्खनन, समुद्री अनुसंधान और सामरिक अनुप्रयोगों के लिए पाली के भीतर तैनात वाहनों तथा मशीनों के बढ़ते जाल को देखते हुए मजबूत और उच्च डेटा दर वाली पानी के भीतर संचार प्रणालियों की मांग अत्यंत आवश्यक हो गई है।

इसके लिए उच्च डेटा संचार समाधान इस समय काँग्सबर्ग मेरीटाइम, सोनरडाइन तथा एवोलॉजिक्स जैसी वैश्विक कंपनियां करती है। देश में इसी तरह की प्रौद्योगिकी की कमी दूर करने के लिए टीडीबी समर्थित यह परियोजना महत्वपूर्ण है। उच्च गति संचार के लिए अनुकूलित वाइडबैंड हाइड्रोफोन (जलीय ध्वनि संचार एंटेना) विकसित होने पर स्वदेशी उपकरों के माध्यम से स्वायत्त प्लेटफॉर्मों के बीच तेज और प्रभावी डेटा आदान-प्रदान संभव होगा।

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