गरियाबंद , अप्रैल 18 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पेयजल परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर लापरवाही और अनियमितता का मामला सामने आया है। दो वर्ष पूर्व स्वीकृत पानी टंकी स्थापना एवं पाइपलाइन विस्तार कार्य के लिए राशि आहरित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं होने से विवाद गहराता जा रहा है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य धनमति यादव ने इस मामले को लेकर शनिवार को देवभोग थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में जिला पंचायत निधि से वार्ड क्रमांक 13, ग्राम पंचायत चिचिया अंतर्गत दासोपारा में बोर खनन, पानी टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार के लिए स्वीकृति मिली थी। कार्य एजेंसी के रूप में ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी दी गई थी।

शिकायत के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए करीब 1.20 लाख रुपये की पहली किश्त भी एक वर्ष पूर्व आहरित कर ली गई थी लेकिन स्थल पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। जबकि जनपद स्तर के रिकॉर्ड में कार्य प्रगति पर दर्शाया जा रहा है।

जिला पंचायत सदस्य यादव ने बताया कि पिछले छह माह से वे जनपद एवं जिला पंचायत कार्यालयों में लगातार पत्राचार कर रही हैं, लेकिन उन्हें कार्य की वास्तविक स्थिति के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।

देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला प्रथम दृष्टया गैर-संज्ञेय प्रतीत होता है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित जनपद पंचायत से भी जानकारी मांगी जाएगी कि स्वीकृत कार्य का निष्पादन क्यों नहीं हुआ।

उल्लेखनीय है कि दासोपारा में लगभग 600 की आबादी एकमात्र हैंडपंप पर निर्भर है। प्रस्तावित पानी टंकी और पाइपलाइन से क्षेत्र में पेयजल संकट कम होने की उम्मीद थी, लेकिन कार्य शुरू न होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

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