गयाजी , जनवरी 08 -- बिहार में गयाजी व्यवहार न्यायालय को ई- मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने से गुरुवार को कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई।

धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय में मौजूद न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम लोग तुरंत परिसर से बाहर निकल गये। सुरक्षा कारणों से पूरे न्यायालय परिसर को खाली करा लिया गया और सभी न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिये गये।

घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार, आरक्षी अधीक्षक (नगर) रामानंद कुमार कौशल, डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। पूरे न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। साथ ही श्वान दस्ते की टीम को भी जांच के लिये बुलाया गया है, जो परिसर के हर कोने की सघन तलाशी ले रही है।

इस मामले में गयाजी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि धमकी भरा ई- मेल तमिलनाडु से भेजा गया है। ई- मेल तमिलनाडु के लिट्टे ग्रुप से जुडा बताया जा है जिसमें, भास्करण के नाम का उल्लेख है। ई- मेल में कुछ मांगें रखी गई हैं और कहा गया है कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो गयाजी व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ा दिया जायेगा।

धमकी को गंभीरता से लेते हुये प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। न्यायालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिये पुलिस बल मुस्तैद है। फिलहाल जांच एजेंसियां ई- मेल की सत्यता, भेजने वाले की पहचान और उसके नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाये रखने की अपील की है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि सुरक्षा कारणों से अगले आदेश तक न्यायालय के कार्य स्थगित कर दिये गये हैं।

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