जालंधर , मार्च 06 -- पंजाब के गन्ना आयुक्त डॉ अमरीक सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार मौजूदा बसंत के मौसम में गन्ने की बुवाई का रकबा बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है, ताकि पैदावार के साथ-साथ चीनी की रिकवरी भी बढ़ायी जा सके। इसके तहत कोऑपरेटिव और प्राइवेट शुगर मिलों के फील्ड स्टाफ गांवों में किसानों के साथ मीटिंग कर रहे हैं और उन्हें गन्ने की फसल का रकबा बढ़ाने के लिए उत्साहित कर रहे हैं।
भोगपुर कोऑपरेटिव शुगर मिल लिमिटेड ने गांव किशनपुरा में किसानों के साथ बैठक की। इस मौके पर किसानों से बात करते हुए डाॅ अमरीक सिंह ने कहा कि गन्ने की खेती में बुवाई से लेकर कटाई तक ज़्यादा मजदूरों की ज़रूरत होती है, लेकिन मौजूदा हालात की वजह से मजदूरों की कमी है, जिसकी वजह से गन्ना किसानों में गन्ने की कटाई करने वाली मशीनों का ट्रेंड बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि ढाई फुट की दूरी पर बुवाई करने से मशीन से कटाई करना मुश्किल हो जाता है, जिससे गन्ना किसानों और मिल प्रबंधकों को पैसे का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि गन्ने की कटाई के लिए गन्ने की हार्वेस्टर का ट्रेंड भी बढ़ा है, इसलिए ज़्यादा दूरी पर बिजाई ज़रूरी हो गया है, क्योंकि ढाई फ़ुट पर बोने के बजाय चार से पांच फ़ुट पर बोने में गन्ने का नुकसान कम होता है। उन्होंने कहा कि अगर किसान अगले साल मशीनों से गन्ने की कटाई करने की सोच रहे हैं, तो उन्हें अभी से गन्ने की बुवाई की तैयारी करनी होगी ताकि कटाई के समय कोई दिक्कत न हो।
डॉ अमरीक ने कहा कि बसंतकालीन गन्ने को लाइन से लाइन तीन से पांच फ़ुट और पौधे से पौधे एक से 1.5 फ़ुट की दूरी पर, दो लाइन की दूरी पर बोना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ़ पानी की खपत कम होती है, बल्कि इस तरीके से बोया गया गन्ना कम गिरता है और पैदावार भी ज़्यादा होती है। गन्ने की दो लाइनों के बीच कम से कम तीन फ़ुट की दूरी होनी चाहिए। इस दूरी पर छोटे ट्रैक्टर/पावर वीडर से जुताई करके खरपतवार को भी नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर गेहूं की कटाई के बाद गन्ने की बुवाई करनी है, तो गन्ने की पौध तैयार करके बोई जा सकती है।
इस दौरान डाॅ अमरीक ने खेतों का दौरा किया और गन्ना कटाई मशीन का निरीक्षण भी किया। इस मौके पर मुख्य गन्ना विकास अधिकारी सुखदीप सिंह ने किसानों से गन्ने का रकबा बढ़ाने की अपील की। इस मौके पर गन्ना किसान मुकेश कुमार, फील्ड स्टाफ और किसान भी मौजूद थे।
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