पटना , अप्रैल 27 -- राज्य के गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के स्थायी समाधान तथा गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग की ओर से निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की। इसमें गन्ना उद्योग विभाग के ईखायुक्त अनिल कुमार झा सहित संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न चीनी मिलों के प्रबंधक मौजूद थे।

प्रधान सचिव ने जल-जमाव को लेकर पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां फसल में अधिकाधिक गन्ना है, उन क्षेत्रों में इसी समय बेहतर तरीके से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पाई गई है। वर्तमान में गन्ना कृषि क्षेत्रों के प्रभागों से गुजरने वाली नहरों पर चल रहे कार्यों की अद्दयतन स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए, जिससे नहरों के माध्यम से गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके।

गौरतलब है कि गन्ना आच्छादित जिलों के गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल निकासी के लिये चिन्हित कतिपय योजनाओं में भू-अर्जन का मामला है। भू-अर्जन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के लिये संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में अमीन की उपलब्धता के लिये चर्चा बैठक में की गई।

बैठक में प्रधान सचिव ने संबंधित अधिकारियों को गन्ना वाले क्षेत्रों में हर हाल में शीघ्र पानी पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया ताकि गन्ना के पौधों को सूखने से बचाया जा सके।

गौरतलब है कि मनरेगा के तहत गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव के निराकरण के लिये राज्य में अब तक 274 योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति दे दी गई है।

प्रधान सचिव ने कहा कि शेष योजनाओं की प्रक्रिया की तेज प्रगति के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में शीघ्र अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति करें।

बैठक में जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण) वरूण कुमार, अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) अनवर जमील, अधीक्षण अभियंता विवेक गौरव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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