जालंधर , नवंबर 06 -- पंजाब में दोआबा और माझा क्षेत्र के गन्ना किसान संगठनों ने अपनी बकाया राशि की मांग को लेकर 21 नवंबर को बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे पटरियों पर प्रदर्शन करने का एलान किया है।

दोआब किसान कमेटी पंजाब के प्रधान जंगवीर सिंह, बीकेयू दोआबा के प्रधान मनजीत सिंह राए, माझा किसान संघर्ष कमेटी के प्रधान बलबिंदर सिंह राजू , दोआबा किसान संघर्ष समिति के प्रधान बलविंदर सिंह बल्लीमंगल, बीकेयू राजेवाल के प्रधान मुकेश चंद्र शर्मा और अन्य किसान संगठन के नेताओं ने गुरुवार को यहां एक संयुक्त प्रेस सम्मेलन में कहा कि पंजाब सरकार पिछले साल का बकाया लगभग 213 करोड़ रुपये तुरंत जारी करे और गन्ने का मूल्य बढ़ा कर पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल किया जाये। उन्होंने कहा कि सहकारी खंड मिलों की तर्ज पर एक काउंटर से भुगतान किया जाये। जिस प्रकार बाकी फसलों के दाम बीजाई से पहले निर्धारित किये जाते हैं, उसी प्रकार गन्ने का दाम भी बुवाई से पहले घोषित और अधिसूचित किया जाना चाहिए।

दोआबा किसान संघर्ष समिति के प्रधान बलविंदर सिंह बल्लीमंगल ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा किसानों को गन्ने का मुल्य प्रति क्विंटल 401 रुपये दिया जाता है, जिमसें 61 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले गन्ना सीजन का 61 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी के हिसाब से लगभग 93 करोड़ रुपये और सहकारी चीनी मिलों का लगभग 120 करोड़ रुपये, फगवाड़ा मिल का 27 करोड़ रुपये का पिछला बकाया अभी तक जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि नया गन्ना सीजन नवंबर में शुरू हो गया है लेकिन पंजाब सरकार अभी तक चुप है।

उन्होंने कहा कि गन्ना नियंत्रण बोर्ड, की अवधि समाप्त हो गयी है, जिसका गठन पंजाब सरकार ने नहीं किया है। गन्ना नियंत्रण बोर्ड के गठन के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गन्ने के रेट में पंद्रह रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है और चीनी मिलों के संचालन की तारीख के बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गयी है।

बलविंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार सब्सिडी के 61 रुपये किसानों के खातों में डालने की बात रही है लेकिन अभी तक एक भी रुपया किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि किसानों को गन्ने का पूरा दाम दिया जाये और सब्सिडी की रकम किसानों को देने के बजाए गन्ना मिल को दिया जाये। किसान संगठनों ने यह निर्णय लिया गया कि इस संबंध में सात नवंबर को माझा और दोआबा जिलों में उपायुक्तों को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा और यदि पंजाब सरकार 15 नवंबर तक अन्यथा निर्णय लेती है, तो सभी किसान संगठन 18 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न दो बजे तक सभी उपायुक्तों के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। यदि पंजाब सरकार फिर भी अधिसूचना जारी नहीं करती है, तो 21 नवंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे पटरियों की बड़े पैमाने पर नाकाबंदी की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और प्रशासन की होगी।

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