नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- राष्ट्रीय राजधानी में 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम देखने को मिला। सुरक्षा बलों ने किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की और समारोह के दौरान जल, थल और वायु हर जगह सुरक्षा बलों का पहरा रहा।

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख सरकारी भवनों के आसपास कड़ी नजर रखी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 70 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया। इसके अलावा एनएसजी कमांडो और बम निरोधक दस्ते के जवान भी मुस्तैद रहे। कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया था।

दिल्ली पुलिस के अनुसार ड्रोन और अत्याधुनिक तकनीक के ज़रिये निगरानी को और मजबूत किया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और फेस रिकग्निशन सिस्टम का व्यापक उपयोग किया गया। दिल्ली पुलिस ने पहले से ही परेड मार्ग और उसके आसपास के इलाकों में "नो ड्रोन ज़ोन" घोषित कर रखा था। सोशल मीडिया और साइबर स्पेस पर भी लगातार निगरानी रखी ताकि अफवाहों या किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

वहीं, गणतंत्र दिवस के करीब आते ही पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी थी। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। होटल, गेस्ट हाउस और किराए पर रहने वाले लोगों के सत्यापन अभियान चलाया। बाजारों, मॉल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ायी। इसके साथ ही हर स्तर पर सतर्कता बरती ताकि यह राष्ट्रीय पर्व बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

दिल्ली पुलिस सूत्रोंने कहा कि पहली बार दिल्ली पुलिस ने कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) आधारित अत्याधुनिक चश्मे को सुरक्षा ड्यूटी में इस्तेमाल किया।

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