बेंगलुरु , जनवरी 25 -- 'मिलेट से माइक्रोचिप तक' की थीम वाली कर्नाटक की झांकी को राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से हटा दिया गया है। आयोजकों के इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच कर्नाटक में राजनीतिक बहस छिड़ गयी है।
इस झांकी को पारंपरिक कृषि से तकनीकी नवाचार तक कर्नाटक का सफर दिखाने के लिये बनाया गया था। इसमें रागी, ज्वार, नवाने और सज्जे जैसी फसलों के साथ राज्य के आईटी और सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम को शामिल किया गया था। अधिकारियों ने कर्नाटक की झांकी को तैयार करने में लगी मेहनत का उल्लेख करते हुए उसे हटाने के फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है।
मैसूरु के भाजपा सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने इस चूक का कारण प्रक्रियागत खामियों को बताया। उन्होंने प्रशासनिक कमियों का हवाला देते कहा, "ठीक से बातचीत नहीं हुई, जिससे भ्रम पैदा हुआ। नतीजतन, कर्नाटक की झांकी इस साल की गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा नहीं होगी।"कांग्रेस नेताओं ने इस स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया और भाजपा नेताओं पर राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक प्रदीप ईश्वर ने सवाल किया कि कर्नाटक को क्यों बाहर रखा गया, जबकि विधानसभा चुनाव के करीब आ चुके केरल, तमिलनाडु और यहां तक कि पुडुचेरी की झांकियों को मंजूरी दे दी गयी।
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