नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- भारतीय सेना की आर्टिलरी शाखा ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में शक्तिबाण और दिव्यास्त्र को पेश करके शानदार प्रदर्शन किया। यह भारत की नयी पीढ़ी के मानवरहित युद्धक हथियारों और आत्मनिर्भरता के तहत आधुनिकीकरण की तेज गति को दिखाता है।

विशेष रूप से बने हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (एचएमवी 6x6) पर लगे ये प्लेटफॉर्म सेना के प्रौद्योगिकी-आधारित, सटीक युद्ध की ओर बदलाव को दिखाते हैं, जो एक निगरानी और लक्ष्यीकरण की अवधारणा पर आधारित है।

शक्तिबाण और दिव्यास्त्र अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों से लैस हैं, जिसमें झुंड ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन और स्वदेशी रूप से विकसित टैक्टिकल हाइब्रिड यूएवी जेडओएलटी शामिल हैं, जो युद्ध के मैदान में टोही और तोपखाने की आग की दिशा तय करने में मदद करते हैं।

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