पटना , जनवरी 25 -- बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्येक अमृत ने 16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को कहा कि गणतंत्र की जननी वैशाली के प्रदेश बिहार ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह की मिसाल पेश की उसकी चर्चा देश और दुनिया मे हो रही है।
श्री अमृत ने 16वें मतदाता दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी पटना में आयोजित विशेष समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग, जिला पदाधिकारी से लेकर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तक सभी ने बिहार में आयोजित चुनाव पर्व को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव देखने के लिए विदेशों से प्रतिनिधि मंडल आया था। उन्होंने कहा कि करीब छह जिलों में जा कर चुनाव की प्रक्रिया देखने के बाद विदेशी धरती से आये प्रतिनिधि काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की बहुत बड़ी सफलता रही कि चुनाव के दौरान किसी भी बूथ पर कोई अप्रिय घटना नही घटी और कहीं भी पुनर्मतदान की जरूरत नही पड़ी। उन्होंने कहा कि जितने कम समय मे प्रदेश में बीएलओ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) की प्रक्रिया को पूरा किया, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है।
मुख्यसचिव ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़े प्रजातंत्र के रूप में एक अलग नजीर पेश कर रहा है। उन्होंने समारोह में उपस्थित युवा शक्ति से अनुरोध किया कि भारतीय लोकतंत्र की इस ताकत को आगे बढ़ाएं और 2047 में जब देश आजादी के सौ साल पूरे करने के समय इसे दुनिया के विकसित देशों में शामिल करने में अपनी भूमिका अदा करें।
कार्यक्रम को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने डिजिटल माध्यम से संबोधित किया और कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से चल रहे देश भर में एसआईआर का लक्ष्य है "अपात्र मतदाता को सूची से हटा दिया जाए और कोई भी पात्र मतदाता छूटने नही पाए।" उन्होंने कहा कि बिहार में 'एसआईआर' के बाद चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं और उन्हें इस बात का गर्व है कि इतने बड़े चुनाव में एक भी मतदान केंद्र पर दुबारा मतदान की जरूरत नही पड़ी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान भी किसी मतदाता ने नाम छूटने की कोई शिकायत दर्ज नही की थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित