अमरोहा , फरवरी 8 -- पश्विमी उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले के गजरौला क्षेत्र में रासायनिक कारखानों से हो रहे कथित प्रदूषण के विरोध में शहबाजपुर डोर व नाईपुरा इलाके के किसानों का धरना रविवार को 50वें दिन भी जारी रहा।
ट्रैक्टर-ट्रालियों में पहुंचे किसानों ने जुबिलेंट इन्ग्रेविया समेत अन्य कारखानों के पुतले फूंककर प्रदर्शन किया। भाकियू संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदूषण से प्रभावित किसानों की सुध नहीं ली जा रही है।
किसानों का आरोप है कि कारखानों के अपशिष्ट से भूजल, बगद नदी, तालाब और अन्य जलस्रोत दूषित हो गए हैं। हैंडपंप और ट्यूबवेल से निकल रहे पानी के पीले व दुर्गंधयुक्त होने की शिकायत करते हुए उन्होंने फसलों, पशुधन और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही। आंदोलनकारियों ने कहा कि ठोस कार्रवाई तक धरना जारी रहेगा और जल-जंगल-जमीन संरक्षण के साथ एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई।
भाकियू नेताओं और अन्य वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने की जरूरत बताई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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