अमरोहा, जनवरी 12 -- उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री केपी मलिक ने गजरौला में दूषित जल से जनस्वास्थ्य पर ख़तरे को लेकर जारी बेमियादी धरने पर 22 दिन से बैठे किसानों की पीड़ा का संज्ञान लेते हुए कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति मामले की जांच कर रही है जिसकी रिपोर्ट मिलने पर अगला कदम उठाया जाएगा।
प्रदेश के वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री केपी मलिक सोमवार को विकसित भारत जी राम जी कानून जनजागरण अभियान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पत्रकारों से यह जानकारी साझा की।
जिले के बतौर प्रभारी मंत्री केपी मलिक विकसित भारत जी राम जी कानून जनजागरण अभियान के तहत सरकार का पक्ष रखने के लिए सोमवार को अमरोहा आए हुए थे। उन्हे बताया गया कि किस तरह रासायनिक कारखानों से निकलने वाला दूषित पानी अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है, हालात यह हैं कि गांवों में खेतों के ट्यूबवैल हों या घरों में लगे हैंडपंपों से पीला और दुर्गंधयुक्त पानी निकल रहा है।इस मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू)संयुक्त मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में धरने पर बैठे किसान सोमवार को 22वें दिन भी भी डटे हुए हैं।
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