नयी दिल्ली , मार्च 23 -- पंजाब के अमृतसर में पंजाब वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या मामले को लेकर सोमवार को सीबीआई जांच की मांग उठी है।

कांग्रेस के चार सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजित सिंह औजला और सांसद धर्मवीर गांधी ने पत्र लिखा है। सांसदों द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि 21 मार्च को अमृतसर के रंजीत एवेन्यू थाने में दर्ज एफआईआर में पंजाब के एक कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर समेत अन्य लोगों का नाम शामिल है।

सांसदों ने पत्र में उल्लेख किया कि इस मुद्दे को संसद में कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला द्वारा उठाया गया था, जिसके जवाब में गृह मंत्री ने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई को सौंपने का आश्वासन दिया था और लिखित अनुरोध भेजने को कहा था।

सांसदों ने खत के माध्यम से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएं, ताकि निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की भी मांग की गई है, ताकि वे जांच के दौरान देश छोड़कर न जा सकें। सांसदों ने कहा कि इससे जनता का विश्वास मजबूत होगा और कानून का राज कायम रहेगा।

गौरतलब है कि संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर पंजाब के सांसद लिखित में उनसे इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करेंगे तो इस मामले पर विचार किया जाएगा।

इस मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की "बेहद परेशान करने वाली" मौत की घटना की सीबीआई जांच के आदेश देने का आग्रह किया।

उन्होंने आरोप लगाया है कि डॉ. रंधावा को परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर के हाथों शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या जैसा चरम कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

संसद में गृह मंत्री के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि पंजाब के सांसद इस संबंध में औपचारिक प्रतिवेदन देते हैं तो केंद्र जांच के आदेश देगा, श्रीमती हरसिमरत बादल ने पंजाब के अन्य सांसदों से भी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसी तरह के औपचारिक अनुरोध करने का आग्रह किया।

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