जयपुर , नवम्बर 02 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सुरक्षा सेवाओं के दौरान घायल और उसके उपरांत सेवानिवृत्त हो चुके वीर सैनिकों की समस्याओं की प्राथमिकता से समीक्षा करके उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

श्री शर्मा ने रविवार को कहा कि राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले ये वीर हमारे गौरव हैं, इनके सम्मान और पुनर्वास के कार्यों में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए।

उन्होंने आतंकवाद निरोधी कार्रवाई में घायल और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे जांबाजों की समस्याओं के समाधान को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ऐसे सभी मामलों में जिला प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाएं और पात्र वीर सैनिकों, शहीद परिवारों और युद्ध में दिव्यांग हुए सैनिकों को सरकारी योजनाओं, पेंशन एवं अन्य प्रावधानों का पूर्ण लाभ मिलना सुनिश्चित करें।

श्री शर्मा ने कहा कि औपचारिकताओं एवं प्रक्रियागत बाधाओं के कारण किसी भी स्तर पर जांबाज वीर सैनिकों को सहायता मिलने में विलंब नहीं होना चाहिए। जिला कलेक्टर अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे सभी मामलों की व्यक्तिगत निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर विशेष शिविर आयोजित करके जाबांज सैनिकों की समस्याओं का निस्तारण करें। उन्होंने सुरक्षा बलों, सेना, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस में सेवा दे चुके उन जांबाजों की सूची भी तैयार करने के निर्देश दिये जो अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए गंभीर रूप से घायल हुए।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वीर सैनिकों एवं सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आमजन से वीर सैनिकों के मान-सम्मान और सहयोग में आगे आने का अनुरोध किया।

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