खैरागढ़ , नवम्बर 11 -- छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले की यातायात पुलिस ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा और साइबर जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया। यह कार्यक्रम पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्कूल में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 150 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अभियान के तहत पुलिस टीम ने बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और बढ़ते साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के उपाय सिखाये। यातायात पुलिस ने विशेष रूप से नाबालिगों को वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी और बताया कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह कानूनी अपराध भी है। छात्रों से अपील की गई कि वे 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ही वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर वाहन चलाएं।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साइबर सुरक्षा जागरूकता पर केंद्रित रहा। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि अज्ञात लिंक या अविश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड न करें, ताकि एपीके ऐप फ्रॉड से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करने से बचें।
एटीएम कार्ड का उपयोग करते समय सतर्क रहें, ताकि कार्ड की जानकारी चोरी न हो सके।
पुलिस ने छात्रों को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
पुलिस टीम ने सड़क सुरक्षा के "गोल्डन आवर" के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिसमें सड़क हादसे के तुरंत बाद घायल व्यक्ति को समय पर मदद मिलना उसकी जान बचा सकता है।
इसके अलावा पुलिस ने छात्रों को बताया कि एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य है। छात्रों से आग्रह किया गया कि वे इस जानकारी को अपने परिवार और परिचितों तक पहुंचाएं, ताकि हर कोई सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात का हिस्सा बन सके।
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