पटना , फरवरी 09 -- बिहार खेल विभाग के सचिव महेन्द्र कुमार ने सोमवार को कहा कि प्रदेश के सभी जिला खेल भवन सह व्यायामशालाओं को आम नागरिकों के लिये नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा।

श्री कुमार ने आज यहां खेल विभाग के सभी अनुभागों एवं विंग्स की प्राथमिकताओं की विस्तृत समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। बैठक के दौरान राज्य में खेल अधोसंरचना के प्रभावी उपयोग, आमजन की भागीदारी बढ़ाने तथा खेल गतिविधियों को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा विभाग की सभी योजनाएं समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी ढंग से लागू की जाएं ताकि खेल सुविधाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंच सके।

समीक्षा बैठक में सभी जिला खेल भवन सह व्यायामशालाओं को आम नागरिकों के उपयोग के लिये नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में 25 जिलों में 25 ऐसे केंद्र सक्रिय हैं। इन केंद्रों के नियमित उपयोग के इच्छुक नागरिकों से खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। यह एक खुला आमंत्रण होगा, जिससे युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को नियमित फिटनेस एवं खेल गतिविधियों से जोड़ा जा सके और उपलब्ध अधोसंरचना का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। पटना में स्पोर्ट्स सिटी की स्थापना का प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना अब निर्णायक चरण में है और इस सप्ताह महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें संबंधित एजेंसियां स्पोर्ट्स सिटी के संभावित मॉडलों, संरचना एवं संचालन व्यवस्था पर प्रस्तुति देंगी। प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी से राज्य को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के लिए बेहतर आधार तैयार होगा।

इसके अतिरिक्त, खेल विभाग द्वारा चिन्हित मौजूदा आधारभूत संरचनाओं में बिहार के प्रत्येक जिले में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी जिला खेल पदाधिकारियों द्वारा फील्ड विजिट कर पेयजल, विद्युत, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया है। प्रत्येक उत्कृष्टता केंद्र उस क्षेत्र की खेल संभावनाओं के अनुरूप कम से कम एक प्राथमिक खेल पर केंद्रित होगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सके।

राज्य में खेल गतिविधियों को शीघ्र सक्रिय करने के उद्देश्य से बिहार की 8053 ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों में कार्यरत सभी खेल क्लबों के साथ इस सप्ताह एक व्यापक ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक के माध्यम से खेल क्लबों की आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा और संबंधित क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को तुरंत प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

प्रखंड स्तर पर उपलब्ध आउटडोर स्टेडियमों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया। इन स्टेडियमों में खेल गतिविधियों को शीघ्र शुरू करने के लिये आसपास के शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। एक अप्रैल 2026 तक राज्य के कम से कम 100 पूर्णतः कार्यशील आउटडोर स्टेडियमों को नियमित उपयोग में लाया जायेगा। इसके लिए सभी जिलों में लगातार फील्ड विजिट, निरीक्षण एवं प्रगति की निगरानी की जा रही है।

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