रांची , नवम्बर 03 -- झारखंड के खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने गए थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल और सशस्त्र बल कर्मियों पर जानलेवा हमला हुआ है।
यह भयावह घटना लोहागढ़ा के डाईर मेले के दौरान घटी, जहां थाना प्रभारी झगड़े को शांत कराने पहुंचे थे। हिंसक भीड़ ने अचानक हमला कर पुलिस और सशस्त्र बल को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।
इसी घटना की गंभीरता को देखते हुए रनिया थाना के सीओ सह बीडीओ प्रशांत डांग ने एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला कांड संख्या 33/25 के तहत 40 से 50 अज्ञात लोगों समेत दो नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया है।
प्रशांत डांग की लिखित शिकायत के अनुसार, वह और थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल अमरजीत सिंकू के साथ डाईर मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गए थे। उस समय दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दारू भट्टी के पास दो झगड़ारु गुटों के बीच झगड़े की सूचना मिली। थाना प्रभारी तुरंत सशस्त्र बल के साथ घटनास्थल पहुँचे, जहां शराब के नशे में धुत कुछ लोग आपस में भिड़े हुए थे।
थाना प्रभारी ने झगड़ा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की और शराब पीने तथा बेचने वालों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन विरोध कर रहे लोगों ने अचानक सशस्त्र बल और थाना प्रभारी पर हमला बोल दिया। करीब 40 से 50 लोगों (जिनमें महिलाएं भी थीं) की भीड़ ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया, उनके साथ गाली गलौज की और मारपीट की, जिससे स्थिति बिगड़ गई और कानून-व्यवस्था की व्यवस्था संकट में पड़ गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि मेले के अध्यक्ष शिव अवतार सिंह और सचिव मनोज कांशी को स्वयंसेवक तैनात करने के निर्देश थे, लेकिन उन्होंने इसमें कोई पहल नहीं की, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह असफल रही।
पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी तेज कर दी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल बढ़ाकर मेले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का कदम उठाया जाएगा। स्थानीय लोग भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसा भयानक हादसा न हो।
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