नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने खामियों का पता चलने के बावजूद विमान को उड़ान के लिए स्वीकार करने वाले एयर इंडिया के दो पायलटों को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किये हैं।
घटना 28 जून 2025 की है, जिसमें उड़ान संख्या एआई-358 (दिल्ली से टोक्यो हनेदा) और वापसी की उड़ान संख्या एआई-357 से संबंधित है। संबंधित विमान की पंजीकरण संख्या वीटी-एएनआई है। यह एक बोइंग 787-ड्रीमलाइनर विमान है।
डीजीसीए के नोटिस में कहा गया है कि चालक दल के सदस्यों को विमान की दाहिनी तरफ के आर2 दरवाजे के पास से धुएं की दुर्गंध की सूचना मिली थी। पिछली पांच उड़ानों के दौरान भी इसी तरह की सूचना मिली थी। विमान को न्यूनतम अनिवार्य उपकरणों (एमईएल) की अपूर्ण सूची के साथ रवाना किया गया था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
नियामक ने कहा है पायलटों ने एमईएल की सीमाओं को समझे बिना विमान को उड़ाने के लिए स्वीकार किया। वे परिचालन और सुरक्षा संबंधी जोखिमों का आकलन करने में विफल रहे। डीजीसीए ने कैप्टन प्रियांक बैंसला और कैप्टन अरुण मेहरा से 14 दिन के भीतर जवाब मांगा है। कारण बताओ नोटिस गत 29 दिसंबर को जारी किये गये हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित