सहारनपुर , मार्च 03 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंदी विचारधारा के प्रमुख इस्लामिक शिक्षण केंद्र दारूल उलूम देवबंद ने ईरान पर कथित अमेरिका-इजराइल हमलों और वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। संस्थान के मीडिया प्रभारी के अनुसार मध्य-पूर्व में उत्पन्न गंभीर हालात और वैश्विक शांति पर मंडराते खतरे के मद्देनज़र दारूल उलूम और उसके उलेमा ने फिलहाल कोई बयान जारी नहीं किया है। रमजान माह के कारण संस्थान में अवकाश है। मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी बनारसी अपने गृह नगर में हैं, जबकि नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी भी मौन हैं।
इसी प्रकार जमीयत उलमाए हिंद के एक धड़े के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिसे लेकर समुदाय में चर्चा है।
दूसरी ओर जमीयत के दूसरे धड़े के अध्यक्ष और पूर्व सांसद मौलाना महमूद मदनी ने खामेनेई और उनके परिजनों की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जमीयत ईरान की जनता के दुख में सहभागी है। उन्होंने विश्व नेतृत्व से हस्तक्षेप कर शांति स्थापित करने की अपील की। साथ ही अमेरिका और इजराइल की नीतियों की आलोचना करते हुए युद्ध और अस्थिरता के प्रयासों का विरोध किया, हालांकि खाड़ी और अरब देशों पर किसी भी हमले का समर्थन न करने की बात भी कही।
जनपद में शिया समुदाय के नेताओं ने भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन में शांति बहाली के लिए पहल करने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का उपयोग करने की मांग की है। ज्ञापन में इजराइल और अमेरिका के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग उठाई गई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित