हरिद्वार , मई 03 -- उत्तराखंड हरिद्वार जनपद के खानपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने रविवार को मामले पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिये। साथ ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शने की बात कही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता 26 अप्रैल को पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। वह 27 अप्रैल को अचेत अवस्था में मिली थी। परिजनों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना देकर तहरीर दी गई थी।
श्रीमती कंडवाल ने कहा कि प्रदेश में इस तरह की अमानवीय घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ सरकार और आयोग दोनों सख्त नीति अपना रहे हैं और दोषियों को हर हाल में सख्त सजा दिलाई जाएगी।
उन्होंने हरिद्वार देहात के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शेखर सुयाल से दूरभाष पर वार्ता कर मामले की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक भी आरोपी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहना चाहिए और उनके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाए।
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आयोग ने स्थानीय स्तर पर बरती गई कथित लापरवाही और पीड़िता पर बयान बदलने के दबाव को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया है। खानपुर थाना प्रभारी के निलंबन को आवश्यक कदम बताते हुए अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मामले में संलिप्त या लापरवाह पाए गए अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त विभागीय जांच कर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को संरक्षण देने या मामले को दबाने का प्रयास करने वाले पुलिसकर्मी भी समान रूप से दोषी माने जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार इस तरह के मामलों को लेकर बेहद संवेदनशील है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
महिला आयोग ने यह भी जानकारी दी कि आयोग की टीम शीघ्र ही पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव कानूनी और मानसिक सहायता प्रदान करेगी।
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