नयी दिल्ली , जनवरी 24 -- खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने 77वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रित 'कारीगर मेहमानों' के साथ शनिवार को यहां'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम आयोजित किया।
आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार राजघाट स्थित आयोग के कार्यालय परिसर में देश के विभिन्न राज्यों से आए 300 से अधिक खादी एवं कॉयर बोर्ड से जुड़े कारीगरों ने अपने अनुभव और सफलता की प्रेरक गाथाएँ साझा कीं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि और खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कारीगर आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनकर उभरे हैं।"कार्यक्रम में कॉयर बोर्ड के चेयरमैन व एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त सचिव (एआरई), केवीआईसी की सीईओ, एमएसएमई मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार व केवीआईसी की वित्तीय सलाहकार के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए लगभग 300 से अधिक कारीगरों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला कारीगर शामिल थीं, ने सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कारीगर आज आत्मनिर्भर भारत की शक्ति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ और राष्ट्र निर्माण के सक्रिय सहभागी बनकर उभरे हैं। कार्यक्रम में कमर बोर्ड के अध्यक्ष तथा एमएसएमई मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्री कुमार ने कहा कि'जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर', 'वोकल फॉर लोकल', 'लोकल टू ग्लोबल' तथा 'हर घर स्वदेशी' जैसे स्पष्ट और दूरदर्शी विज़न ने खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र को नई दिशा और गति प्रदान की है।
अध्यक्ष ने कहा कि आज खादी और ग्रामोद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि उद्यमियों द्वारा संचालित और बाजार से जुड़ा, रोजगार सृजन करने वाला एक सशक्त इकोसिस्टम बन चुका है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केवीआईसी द्वारा उत्पादन, विपणन, डिजाइन, नवाचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप खादी-ग्रामोद्योग का वार्षिक कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और 2 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि खादी कारीगरों के पारिश्रमिक में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। कारीगरों का पारिश्रमिक 4 रुपये प्रति हैंक से बढ़कर 15 रुपये प्रति हैंक तक पहुँच चुका है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार कारीगरों की आय, सम्मान और जीवन-स्तर में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। केवीआईसी अध्यक्ष ने कारीगरों से आह्वान किया कि वे आगामी दो महीनों के दौरान समर्पण और परिश्रम के साथ अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करें, ताकि चालू वित्त वर्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों का कारोबार 2 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर सके। उन्होंने कारीगरों को आश्वस्त किया कि केवीआईसी उनके पारिश्रमिक को 15 रुपये प्रति हैंक से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति हैंक करने के संबंध में कार्य-योजना पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित