सुल्तानपुर लोधी , अक्टूबर 28 -- पंजाब के मोगा ज़िले की रहने वाली एक लड़की को सिलाई का काम दिलाने के बहाने से इराक भेजा गया, जहां उससे घरेलू काम करवाया और उसके साथ अत्याचार किया गया।

पीड़िता ने कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का धन्यवाद किया, जिनके प्रयासों से वह सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट सकी।

पीड़िता ने मंगलवार को बताया कि जगराओं के एक ट्रैवल एजेंट ने गांवों में झूठे वादे कर गरीब घरों की लड़कियों को विदेश भेजने का जाल फैला रखा है। 'अच्छी नौकरी' के सपने दिखाकर इन लड़कियों को इराक भेजा जाता है। पीड़िता के अनुसार, वहां अभी भी 20 से 25 पंजाबी लड़कियां फंसी हुई है।

पीड़ित लड़की ने बताया कि वह आठ जनवरी 2024 को इराक के लिए रवाना हुई थी। पहले उसे दुबई ले जाया गया और वहां से इराक भेज दिया गया। ट्रैवल एजेंट ने वादा किया था कि उसे सिलाई का काम मिलेगा, हफ़्ते में छुट्टी होगी और परिवार से बात करने के लिए मोबाइल फोन की सुविधा होगी, लेकिन वहां पहुंचने के बाद सच्चाई बिल्कुल उलट निकली।

उसे घरेलू नौकरानी बनाकर काम करने पर मजबूर किया गया। घर के मालिक ने उससे जबरन संबंध बनाने की कोशिश की, जब उसने विरोध किया और सबूत के तौर पर वीडियो बनायी, तो ट्रैवल एजेंट और उसकी पत्नी के कहने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की गयी। उसने कहा, "एक दिन मुझे तब तक मारा गया, जब तक डंडा टूट नहीं गया।"उसने बताया। इस ज़ुल्म और हिंसा ने उसका मानसिक संतुलन बिगाड़ दिया, जिसके कारण वह महीनों तक डिप्रेशन में रही। आख़िरकार, उसने 10 अगस्त को सोशल मीडिया के ज़रिए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया। संत सीचेवाल ने तुरंत कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप वह 28 सितंबर को सुरक्षित पंजाब वापस लौट आयी। वापसी के बाद भी वह पूरे महीने सदमे में रही। उसने कहा कि इराक में बिताये गये, वे दिन वह कभी नहीं भूल सकती।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि यह पुत्री साहस की मिसाल है, जिसने अपने अधिकारों के लिए खुद लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि विदेशों में फंसी अन्य लड़कियों को भी हिम्मत दिखानी चाहिए और अपनी आवाज़ उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जाल ग्रामीण क्षेत्रों में खतरनाक रूप से फैल चुका है और गरीब परिवारों की बेटियों को नरक की ओर धकेल रहा है। संत सीचेवाल ने सरकार से अपील की कि विदेशी रोज़गार के नाम पर चल रहे ऐसे ट्रैवल रैकेट पर तुरंत रोक लगाई जाये, क्योंकि अब तक जितनी भी लड़कियां वापस आयी है, सभी ने बताया है कि वहां अभी और भी लड़कियां फंसी हुई हैं। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह रैकेट किस स्तर पर सक्रिय है, जिस पर अब रोक लगाना बेहद ज़रूरी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित