भीलवाड़ा , दिसम्बर 04 -- राजस्थान के भीलवाड़ा में स्वायत्त शासन मंत्री जबर सिंह खर्रा ने नगर विकास न्यास (यूआईटी) द्वारा 3,081 भूखंडों की लॉटरी को लेकर लगे भ्रष्टाचार के आरोपो की जांच 15 दिन में पूरी करने के आदेश दिए हैं।
श्री खर्रा गुरुवार को देर रात सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने असफल आवेदकों की आवेदन राशि लौटाने की प्रक्रिया इसके एक सप्ताह बाद शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि लॉटरी प्रक्रिया में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिए की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लॉटरी के दिन ही लोगों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया था। उसी समय श्री खर्रा ने 15 दिन में जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन अब 40 दिन बीत जाने के बाद भी जांच समिति अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी है। इस बीच लॉटरी का विरोध लगातार जारी है और पूरा मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
लोगों में लॉटरी प्रक्रिया को लेकर भारी नाराज़गी है। कई नागरिकों और एडवोकेट हेमेंद्र शर्मा ने इसे लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। इस पर अगली सुनवाई पांच दिसम्बर को होगी।
सांसद दामोदर अग्रवाल और विधायक अशोक कोठारी पहले भी लॉटरी प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच की मांग उठा चुके हैं। इसी मांग के बाद जिला कलेक्टर जसमीत सिंह सिद्धू ने एक जांच समिति बनाई थी, लेकिन यह समिति भी अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है।
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