खरगोन , अप्रैल 10 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की कुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा के केरल में विवाह के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच रिपोर्ट में उसे नाबालिग पाए जाने के बाद भाजपा नेताओं के स्वर तेज हो गए हैं। जनप्रतिनिधियों ने लड़की को वापस लाने और आरोपी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा प्रस्तुत याचिका के आधार पर मध्यप्रदेश और केरल के अधिकारियों से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद गठित जांच दल ने केरल और मध्यप्रदेश के महेश्वर में जांच कर दस्तावेज एकत्र किए, जिसमें संबंधित लड़की आदिवासी होने के साथ ही नाबालिग पाई गई। आयोग ने रिपोर्ट के आधार पर राज्य के संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हुए तीन दिन में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।

खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि आयोग की जांच से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विवाह कराया गया और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है। उन्होंने आरोपी के विरुद्ध पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की।

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