खरगोन , फरवरी 23 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में वर्ष 2022 में हुए भीषण टैंकर विस्फोट मामले में खरगोन की चतुर्थ अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को लगभग चार करोड़ रुपये मुआवजा अदा करने का निर्देश दिया है। यह राशि 15 मृतकों के परिजनों और 10 घायलों को दी जाएगी।

यह हादसा 26 अक्टूबर 2022 को बिस्टान थाना क्षेत्र के गढ़ी बिलाली रोड स्थित अंजनगांव के पास हुआ था। पेट्रोल और डीजल से भरा टैंकर तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया और कुछ ही देर बाद उसमें भीषण विस्फोट हो गया। विस्फोट की चपेट में पास के हैंडपंप से पानी भर रहे ग्रामीण आ गए। घटना में 15 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

दावेदारों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरुण त्रिपाठी ने बताया कि अधिकरण सदस्य मुकेश नाथ ने मृतकों और घायलों के लिए कुल 3.30 करोड़ रुपये मुआवजा निर्धारित किया है, जो ब्याज सहित लगभग चार करोड़ रुपये तक पहुंचता है। फरवरी 2023 में इस प्रकरण में 25 अलग-अलग दावा याचिकाएं दायर की गई थीं और सुनवाई के दौरान लगभग 100 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

त्रिपाठी के अनुसार, घायलों में से तीन व्यक्तियों को स्थायी विकलांगता हुई है और वे अब जीवनभर धूप में काम करने में सक्षम नहीं रहेंगे, जबकि सात अन्य उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। अधिकरण ने अपने निर्णय में कहा कि ज्वलनशील ईंधन से भरे टैंकर के खतरे को देखते हुए चालक ने समय रहते प्रशासनिक सहायता नहीं ली और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने में लापरवाही बरती, जो इस बड़े हादसे का कारण बनी। सुनवाई के दौरान घटना का वीडियो फुटेज भी प्रस्तुत किया गया। यह भी सामने आया कि टैंकर में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं था।

बीमा कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि ग्रामीण स्वयं टैंकर के पास पेट्रोल-डीजल निकालने पहुंचे थे और चालक ने उन्हें दूर रहने की चेतावनी दी थी, किंतु अधिकरण ने पाया कि कंपनी इन आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रही।

अधिवक्ता त्रिपाठी ने बताया कि मध्यप्रदेश में यह संभवतः पहला ऐसा मामला है, जिसमें वाहन के गतिमान न होने की स्थिति में भी चालक की लापरवाही मानते हुए दायित्व तय किया गया। यह निर्णय वर्ष 2013 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के अनुरूप बताया गया है, जिसमें कहा गया था कि वाहन खड़ा होने की स्थिति में भी चालक को लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। उधर इस मामले में पुलिस ने टैंकर चालक एवं मालिक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था, जिसका ट्रायल फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।

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