रायपुर , जनवरी 15 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे खपरी गांव में अतिक्रमण हटाने को लेकर नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा जारी नोटिस के बाद स्थिति गुरुवार को तनावपूर्ण हो गई। प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लगभग सात आवासों को अतिक्रमण की श्रेणी में बताकर हटाने की तैयारी की जा रही है, जिनमें चार मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित हैं।

ग्रामीण लोकनाथ बारले ने बताया कि उनका परिवार पिछले पांच दशकों से अधिक समय से उक्त भूमि पर निवासरत है। उनका दावा है कि यह पुश्तैनी जमीन है और उनके पास भूमि से संबंधित दस्तावेज भी मौजूद हैं। इसके बावजूद किसी वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास की योजना बताए बिना हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि एनआरडीए उनकी भूमि अधिग्रहित कर रहा है, लेकिन बदले में न तो जमीन उपलब्ध कराई जा रही है और न ही किसी प्रकार का पुनर्वास प्रस्ताव दिया गया है। इससे प्रभावित परिवारों में गहरी नाराज़गी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले साल नौ दिसंबर को एनआरडीए द्वारा नोटिस जारी किया गया था, जिसका लिखित जवाब समय पर सौंप दिया गया लेकिन अब तक उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ग्रामीणों का कहना है कि बिना आपत्तियों का निराकरण किए ही आज अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसके चलते वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं।

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