फगवाड़ा , जनवरी 03 -- पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने शनिवार को पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग से राज्य में विधवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए निर्धारित पेंशन रोके जाने के मामले का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

श्री खन्ना ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर पेंशन बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने फिरोजपुर जिले के लालचियां गांव की विधवा अजीत कौर और उनके 15 वर्षीय दिव्यांग पोते जसबीर सिंह की दयनीय स्थिति को उजागर करने वाली मीडिया रिपोर्टों की ओर ध्यान दिलाया। खबरों के अनुसार पेंशन न मिलने के कारण ये दोनों एक महीने से अधिक समय से दैनिक खर्चों और चिकित्सा उपचार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पंजाब भर में हजारों कमजोर परिवारों की जमीनी हकीकत को दर्शाते हैं।

उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पेंशनभोगियों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है, वहीं करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि विज्ञापनों, महंगे होटलों में ठहरने और हेलीकॉप्टर व चार्टर्ड विमानों के इस्तेमाल पर ऐसे कामों में खर्च की जा रही है जिन्हें वे अनावश्यक बताते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जरूरतमंदों को पेंशन से वंचित करना प्रशासनिक उदासीनता का सूचक है।

आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री खन्ना ने बताया कि लगभग 23.39 लाख बुजुर्ग नागरिक, 6.7 लाख विधवाएं, 2.8 लाख दिव्यांगजन और 2.38 लाख बेसहारा बच्चे 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन के हकदार हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2020 के विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेंशन राशि बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करने का वादा किया था।

श्री खन्ना ने आरोप लगाया, "पेंशन बढ़ाने के बजाय, मौजूदा राशि भी जारी नहीं की जा रही है।" इस मुद्दे के मानवीय पहलू पर जोर देते हुए उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग से अपील की कि वह बिना देरी किए हस्तक्षेप करे और पेंशन की तत्काल बहाली सुनिश्चित करे ताकि लाभार्थी अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें और गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।

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