भोपाल , जनवरी 6 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व मंत्रीगण को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं, गत पखवाड़े की प्रमुख उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों की जानकारी दी। वर्ष 2026 की मंत्रि-परिषद की प्रथम बैठक के अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रियों को कैलेंडर वर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में जनकल्याण के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश राष्ट्र की प्रगति में भागीदार बनेगा और नागरिकों के हित में योजनाओं व परियोजनाओं के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार के दो वर्ष के सफल कार्यकाल के लिए मंत्रि-परिषद को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश ने 32 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। देशभर में नीलाम किए गए 141 खनिज ब्लॉकों में से सर्वाधिक 32 ब्लॉक मध्यप्रदेश में नीलाम हुए। यह उपलब्धि प्रदेश की पारदर्शी नीतियों, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है। एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2025 और उससे जुड़े नियमों में किए गए बदलावों से खनिज अन्वेषण, नीलामी, निवेश और स्थानीय विकास को नई गति मिली है। चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे प्रमुख खनिजों की नीलामी से सीमेंट, स्टील और संबद्ध उद्योगों को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 दिसम्बर को ग्वालियर में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट का शुभारंभ किया गया, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का भूमि-पूजन हुआ। साथ ही 5,810 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और 860 औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपये की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर किसान कल्याण, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व और ऊर्जा से जुड़े विभिन्न आयामों पर विशेष कैलेंडर 11 जनवरी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जारी किया जाएगा। इसी दिन 1100 ट्रैक्टरों की रैली भी निकाली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जबलपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें देश-विदेश से आए लगभग 125 विद्वानों ने सहभागिता की। वहीं, पीपीपी मॉडल पर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा नवाचार बताया। धार और बैतूल में मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया गया है, जबकि कटनी और पन्ना में भी शीघ्र शिलान्यास की तैयारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशाखापटनम में आयोजित राष्ट्रीय पेसा सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की महिला प्रतिनिधियों और पारम्परिक व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

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